भारत के पहले साउंडिंग रॉकेट लॉन्च की हीरक जयंती

केरल के थुंबा से भारत के पहले साउंडिंग रॉकेट लॉन्च की हीरक जयंती (Diamond Jubilee) 21 नवंबर 2023 को मनाई गई। भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का जन्म 21 नवंबर, 1963 को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के थुंबा में हुआ था।
अमेरिका से ख़रीदे गए साउंडिंग रॉकेट नाइकी-अपाचे (Nike-Apache) के लॉन्च के साथ में भारत में रॉकेटरी की शुरुआत हुई। गौरतलब है कि इस रॉकेट को प्रक्षेपण स्थल पर बैलगाड़ी पर ले जाया गया; बाद में रॉकेट को साइकिल से ले जाया जाने लगा।
नाइकी अपाचे का वजन 715 किलोग्राम था और यह 30 किलोग्राम पेलोड के साथ 207 किमी की ऊंचाई तक पहुंचा।
1975 में, सभी साउंडिंग रॉकेट गतिविधियों को रोहिणी साउंडिंग रॉकेट (RSR) कार्यक्रम के तहत लाया गया।
75 मिमी व्यास वाला RH–75 पहला वास्तविक भारतीय साउंडिंग रॉकेट था, जिसके बाद RH–100 और RH–125 रॉकेट लॉन्च किये गया।
साउंडिंग रॉकेट (sounding rocket)
साउंडिंग रॉकेट (sounding rocket) एक या दो चरण वाले ठोस प्रणोदक रॉकेट (solid propellant rockets) हैं जिनका उपयोग ऊपरी वायुमंडलीय क्षेत्रों के अध्ययन और अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए किया जाता है।
ये लॉन्च व्हीकल और उपग्रहों में उपयोग के लिए नए कंपोनेंट्स या सबसिस्टम्स के प्रोटोटाइप का परीक्षण करने या साबित करने के लिए आसानी से किफायती प्लेटफॉर्म के रूप में भी काम करते हैं।