थोरियम-आधारित ईंधन ANEEL

एनटीपीसी (NTPC) और सीसीटीई (CCTE) द्वारा जारी एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दोनों संस्थाएं भारत में PHWR (प्रेशरराइज्ड हैवी वॉटर रिएक्टर) के लिए थोरियम-आधारित ईंधन ANEEL (Advanced Nuclear Energy for Enriched Life) के विकास और परिनियोजन की संभावनाओं को तलाश रही हैं। यह पहल संबंधित सरकारों के अनुमोदन और मौजूदा राष्ट्रीय कानूनों के अनुपालन के अधीन होगी।

प्रमुख बिंदु:

  • ईंधन रणनीति: वर्तमान PHWR रिएक्टरों में प्राकृतिक यूरेनियम ऑक्साइड आधारित ईंधन का उपयोग जारी रहेगा। यह हमारे सीमित यूरेनियम संसाधनों के तीन-चरणीय (3-stage) परमाणु कार्यक्रम के माध्यम से निरंतर, अनुकूलित और कुशल उपयोग का प्रतिनिधित्व करता है।
  • अपशिष्ट प्रबंधन: परमाणु कचरे के संबंध में भारत ‘क्लोज्ड फ्यूल साइकिल’ (Closed Fuel Cycle) का अनुसरण कर रहा है। इसमें खर्च हो चुके ईंधन (spent fuel) को पुनर्संसाधित (reprocess) किया जाता है ताकि हमारे परमाणु कार्यक्रम के दूसरे चरण में उपयोग के लिए मूल्यवान विखंडनीय सामग्री (fissile material) प्राप्त की जा सके।
  • ANEEL™ ईंधन के अपेक्षित लाभ:
    • मौजूदा PHWR रिएक्टरों में ईंधन के रूप में थोरियम का उपयोग।
    • परमाणु कचरे (nuclear waste) में उल्लेखनीय कमी।
    • स्वदेशी रूप से उपलब्ध थोरियम का उपयोग करके भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करना।
    • सुरक्षा (Safety) और प्रसार प्रतिरोध (Proliferation Resistance) में सुधार।
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