एयर शिप-हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट (AS-HAPS)
रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने भारतीय वायु सेना के लिए “एयर शिप-हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट (AS-HAPS )” की खरीद को मंजूरी दी है। ये ऐसे मानवरहित प्लेटफॉर्म हैं जो 10 से 50 किलोमीटर की ऊंचाई पर काम करते हैं।
AS-HAPS-मुख्य विशेषताएं:
- ऊंचाई: यह वाणिज्यिक विमानों से बहुत ऊपर, लेकिन पारंपरिक उपग्रहों से नीचे उड़ते हैं।
- तापमान: यह 0°C से -56°C तक के बेहद ठंडे तापमान में काम करने में सक्षम हैं।
- ऊर्जा: ये आमतौर पर सौर ऊर्जा से चलते हैं और रात में काम करने के लिए इनमें हाई-डेंसिटी बैटरी होती है, जिससे ये बिना ईंधन के हफ्तों या महीनों तक हवा में रह सकते हैं।
- लचीलापन: पारंपरिक उपग्रहों के विपरीत, इन्हें फिर से तैनात किया जा सकता है, अपग्रेड किया जा सकता है और इनका रखरखाव (Maintenance) भी संभव है।
सामरिक महत्व (Strategic Importance):
- निरंतर निगरानी: ये भारत की जमीनी सीमाओं और समुद्री क्षेत्रों की चौबीसों घंटे निगरानी करेंगे।
- ISR मिशन: इनका उपयोग खुफिया जानकारी जुटाने (Intelligence gathering) और संचार सहायता (Telecommunication support) के लिए किया जाएगा।
- स्थिरता: ये एक ही निश्चित क्षेत्र के ऊपर लंबे समय तक मंडरा सकते हैं, जो ऊंचे पहाड़ी इलाकों और दूरदराज के तटीय क्षेत्रों में ‘रियल-टाइम’ जानकारी के लिए बहुत उपयोगी है।
तुलनात्मक लाभ:
| प्लेटफॉर्म | ऊंचाई | समय सीमा (Endurance) | लागत |
| UAV (ड्रोन) | कम | कुछ घंटे | कम |
| AS-HAPS | मध्यम (10-50 km) | हफ़्तों/महीनों तक | किफायती |
| उपग्रह (Satellite) | उच्च (160+ km) | वर्षों तक | बहुत अधिक |


