तांबे की कीमतों ने $12,000 का ऐतिहासिक स्तर पार किया

वैश्विक धातु बाजार में एक बड़ा भूचाल आया है। दिसंबर 2025 में तांबे (Copper) की कीमतों ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए एक नया ऑल-टाइम हाई बनाया है। लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर बेंचमार्क तांबे की कीमत $12,000 प्रति टन के पार निकल गई है।

2009 के बाद सबसे बड़ी सालाना बढ़त

साल 2025 तांबे के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है। इस साल इस धातु की कीमतों में 35% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह 2009 के बाद से तांबे की कीमतों में हुई सबसे बड़ी सालाना वृद्धि है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बढ़त इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि वैश्विक आर्थिक विकास फिलहाल बहुत मजबूत नहीं है।

क्यों ‘डॉक्टर कॉपर’ की सेहत पर है सबकी नजर?

अर्थशास्त्र में तांबे को अक्सर ‘डॉक्टर कॉपर’ या आर्थिक सेहत का बैरोमीटर कहा जाता है। इसकी वजह यह है कि तांबा लगभग हर बड़े क्षेत्र में इस्तेमाल होता है:

  • पावर ग्रिड और इंफ्रास्ट्रक्चर: बिजली की लाइनों और घरों के निर्माण में।
  • आधुनिक तकनीक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर्स।
  • ग्रीन एनर्जी: इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) और क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स।
  • डिफेंस: सैन्य उपकरणों और गोला-बारूद के निर्माण में।

कीमतों में उछाल के मुख्य कारण

बाजार विश्लेषकों ने इस अचानक आई तेजी के पीछे कई महत्वपूर्ण कारकों को जिम्मेदार ठहराया है:

कारकविवरण
टैरिफ और व्यापार युद्धअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के कारण वैश्विक व्यापार आपूर्ति में बड़ी रुकावटें आईं।
सप्लाई में कमीदुनिया की दूसरी सबसे बड़ी खदान, इंडोनेशिया की ग्रासबर्ग खदान में सितंबर 2025 में हुए भूस्खलन ने उत्पादन ठप कर दिया।
क्लीन मोबिलिटीइलेक्ट्रिक वाहनों और रिन्यूएबल एनर्जी की बढ़ती मांग ने तांबे की खपत बढ़ा दी है।

चिली: तांबे का वैश्विक गढ़

तांबे के उत्पादन में दक्षिण अमेरिकी देश चिली का दबदबा बरकरार है।

  • उत्पादन: 2024 में चिली ने 5.3 मिलियन मीट्रिक टन तांबे का उत्पादन किया, जो वैश्विक उत्पादन का लगभग 23% है।
  • सबसे बड़ी खदान: चिली की ‘एल टेनिएंटे’ (El Teniente) खदान में दुनिया का सबसे बड़ा ज्ञात तांबा अयस्क भंडार मौजूद है।

तांबे से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

  • प्राकृतिक रंग: सोने के अलावा तांबा एकमात्र ऐसी धातु है जिसका अपना प्राकृतिक रंग होता है; बाकी सभी धातुएं ग्रे या सफेद होती हैं।
  • इतिहास: इसका नाम लैटिन शब्द क्यूप्रम से आया है, जिसका अर्थ है “साइप्रस द्वीप से।”
  • गुण: यह अत्यधिक कंडक्टिव, टिकाऊ और रीसायकल होने वाली धातु है, जो इसे आधुनिक तकनीक के लिए अपरिहार्य बनाती है।
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