पुनात्संगछू-I जलविद्युत परियोजना
3 फरवरी, 2026 को भारत और भूटान ने ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। भूटान के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की।
ऊर्जा क्षेत्र में मुख्य चर्चाएं
- पुनात्संगछू-I जलविद्युत परियोजना: बैठक में 1200 मेगावाट की इस परियोजना को जल्द से जल्द शुरू करने पर जोर दिया गया। यह वांगड्यू फोड्रंग पुल से 8.5 किमी और 18.5 किमी निचले प्रवाह (डाउनस्ट्रीम) में पुनात्संगछू नदी पर स्थित एक ‘रन-ऑफ-द-रिवर’ योजना है।
- परियोजना का वित्तपोषण: इस परियोजना को भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित किया गया है, जिसमें 40% अनुदान (grant) और 60% ऋण (loan) शामिल है, जिस पर 10% की ब्याज दर प्रभावी है।
- उत्पादन क्षमता: इसकी स्थापित क्षमता 1095 मेगावाट (6×182.50 MW) है, जिससे प्रति वर्ष औसत 5377.45 GWH बिजली पैदा होने का अनुमान है।
- संकोश जलविद्युत परियोजना: बैठक में संकोश परियोजना के भविष्य के रोडमैप पर भी चर्चा की गई।
भविष्य की योजनाएं
- ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर: भारत और भूटान ने 2040 तक के ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना पर चर्चा की, जिसके लिए विस्तृत परामर्श जारी है।
- बिजली शेड्यूलिंग: बैठक में बिजली की शेड्यूलिंग के लिए अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल बनाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई, विशेष रूप से भूटान में कम उत्पादन वाले (lean months) महीनों के दौरान।


