HPCL की रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी (RUF) का सफल संचालन
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी (RUF) के सफल संचालन की प्रशंसा की है। उन्होंने इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक “निर्णायक कदम” बताया।
इंजीनियरिंग का चमत्कार: दुनिया के सबसे भारी रिएक्टर
यह सुविधा न केवल तकनीक बल्कि इंजीनियरिंग के पैमाने पर भी भारत की वैश्विक शक्ति को प्रदर्शित करती है। इस परियोजना की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- विशालकाय संरचना: इसमें दुनिया के सबसे भारी तीन LC-Max रिएक्टर लगाए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक का वजन लगभग 2,200 मीट्रिक टन (MT) है।
- उच्च क्षमता: 3.55 MMTPA की क्षमता वाला यह संयंत्र उन्नत ‘LC-Max’ आधारित रेसिड्यू हाइड्रोक्रैकिंग तकनीक का उपयोग करता है।
तकनीकी लाभ: ‘कचरे’ से ‘कीमती ईंधन’ तक
RUF इकाई का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह रिफाइनरी के ‘बॉटम ऑयल’ (भारी अवशेष) को लगभग 93% तक उच्च-मूल्य वाले उत्पादों (जैसे डीजल और गैसोलीन) में बदल देती है।
- उत्पादन में वृद्धि: विशाख रिफाइनरी अब अपने डिस्टिलेट यील्ड (distillate yield) को पुराने स्तरों के मुकाबले 10% तक बढ़ाने में सक्षम होगी।
- हाइड्रोक्रैकिंग प्रक्रिया: यह एक उत्प्रेरक (catalytic) प्रक्रिया है जो भारी हाइड्रोकार्बन अणुओं को तोड़कर उन्हें हल्के और मूल्यवान ईंधन में परिवर्तित करती है।
डिजिटल नवाचार: AI और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स
HPCL ने इस संयंत्र में RUF (LC-Max) डिजिटल सूट तैनात किया है, जो भारतीय रिफाइनरियों में अपनी तरह का पहला प्रयोग है। यह प्रणाली सुनिश्चित करती है:
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग: संयंत्र के कामकाज पर हर पल नजर रखना।
- AI-संचालित अनुकूलन: उत्पादन को अधिकतम और कुशल बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग।
- प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स: संभावित तकनीकी समस्याओं का पहले से अनुमान लगाना।
रणनीतिक महत्व
प्रधानमंत्री के अनुसार, यह अत्याधुनिक तकनीक न केवल आयात पर निर्भरता कम करेगी, बल्कि वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में भारत की तकनीकी विशेषज्ञता का भी लोहा मनवाएगी। यह विशाख रिफाइनरी आधुनिकीकरण परियोजना (VRMP) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।


