16वें वित्त आयोग-स्थानीय निकायों को आवंटन
1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट पेश की, जिसमें केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे (tax devolution) का ढांचा तैयार किया गया है। आयोग ने अगले पांच वर्षों के लिए शहरी स्थानीय निकायों (ULGs) को ₹3.5 लाख करोड़ के आवंटन की भी सिफारिश की है। आमतौर पर, इन निकायों को धन केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा अनुदान (grants) के रूप में हस्तांतरित किया जाता है।
आयोग ने स्थानीय सरकारी अनुदानों का 45% हिस्सा शहरी स्थानीय निकायों के लिए आवंटित किया है, जो पिछले 36% के हिस्से की तुलना में एक उल्लेखनीय वृद्धि है। 15वें वित्त आयोग ने वर्ष 2021-26 के लिए इन निकायों को ₹1.5 लाख करोड़ आवंटित किए थे। इसके विपरीत, 16वें वित्त आयोग ने इस आवंटन में 230% की वृद्धि करते हुए इसे ₹2,56,257 करोड़ करने की सिफारिश की है।
प्रमुख राज्यों में, केरल को आवंटन में 400% से अधिक की उच्चतम वृद्धि मिली है, जबकि हिमाचल प्रदेश के फंड में लगभग 50% की गिरावट देखी गई। शहरी स्थानीय निकायों को दिए जाने वाले अनुदानों में 60% से अधिक ‘मूल अनुदान’ (basic grants) थे, जिनमें से “टाइड” (tied) अनुदान का उपयोग स्वच्छता और जल आपूर्ति जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है, जबकि “अनटाइड” (untied) अनुदान का उपयोग वेतन और स्थापना खर्चों को छोड़कर, स्थानीय आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है।


