सिक्किम में ‘चो ला’ और ‘डोक ला’ पर्यटकों के लिए खुले
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने “भारत रणभूमि दर्शन” पहल के तहत, दो रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती जगहों, चो ला (Cho La) और डोक ला (Dok La) को 15 दिसंबर, 2025 से आधिकारिक तौर पर पर्यटकों के लिए खोल दिया है।
उद्घाटन का महत्व
- लाभ: चो ला और डोक ला के पर्यटन के लिए खुलने से सिक्किम के सीमावर्ती क्षेत्रों में सीमा पर्यटन, कनेक्टिविटी और कुल विकास को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
- रणनीतिक महत्व: ये क्षेत्र भारत-चीन सीमा क्षेत्र में अपने रणनीतिक महत्व के कारण जाने जाते हैं।
‘चो ला’ और ‘डोक ला’ का ऐतिहासिक संदर्भ
| स्थान | ऐतिहासिक/रणनीतिक महत्व |
| चो ला (Cho La) | यह एक महत्वपूर्ण पहाड़ी दर्रा है जो 1967 के भारत-चीन झड़पों के दौरान चर्चा में आया था, जो सिक्किम-तिब्बत सीमा क्षेत्र में इसके रणनीतिक महत्व को दिखाता है। |
| डोक ला (Dok La) | यह क्षेत्र 2017 में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच सीमा पर तनाव (डोकलाम गतिरोध) के बाद चर्चा में आया था। |
‘भारत रणभूमि दर्शन’ पहल
- पहल: यह पहल रक्षा मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है।
- उद्देश्य:
- सीमा पर पर्यटन को बढ़ावा देना।
- बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।
- दूरदराज के सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों के लिए आजीविका सुनिश्चित करना।


