स्टार्टअप मान्यता फ्रेमवर्क में संशोधन

भारत सरकार ने 5 फरवरी (2026) को स्टार्टअप इंडिया एक्शन प्लान के तहत स्टार्टअप मान्यता ढांचे (Framework) में संशोधन किया है। इसका उद्देश्य भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और स्टार्टअप विकास के अगले चरण का समर्थन करना है।

यहाँ संशोधित मानदंडों का मुख्य हिंदी विवरण दिया गया है:

स्टार्टअप मान्यता के नए मानदंड (2026)

  • टर्नओवर सीमा में वृद्धि: सामान्य स्टार्टअप के लिए मान्यता प्राप्त करने हेतु टर्नओवर की सीमा को ₹100 करोड़ से बढ़ाकर ₹200 करोड़ कर दिया गया है।
  • समय सीमा: स्टार्टअप्स अब अपने पंजीकरण की तारीख से 10 वर्षों तक इस श्रेणी के तहत लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

‘डीप टेक’ (Deep Tech) स्टार्टअप्स के लिए विशेष श्रेणी

सरकार ने उन्नत और क्रांतिकारी तकनीकों पर काम करने वाली संस्थाओं के लिए एक समर्पित उप-श्रेणी पेश की है:

  • लंबी अवधि का समर्थन: चूंकि डीप टेक वेंचर्स को अनुसंधान (R&D) और उच्च पूंजी की आवश्यकता होती है, इसलिए इनके लिए मान्यता की आयु सीमा 10 वर्ष से बढ़ाकर 20 वर्ष कर दी गई है।
  • टर्नओवर सीमा: डीप टेक स्टार्टअप्स के लिए टर्नओवर की सीमा ₹300 करोड़ रखी गई है।

समावेशी विस्तार: सहकारी समितियां (Cooperative Societies)

अब स्टार्टअप मान्यता का दायरा बढ़ाकर सहकारी समितियों को भी इसमें शामिल कर लिया गया है:

  • पात्रता: ‘बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002’ के तहत पंजीकृत समितियां और राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के कानूनों के तहत पंजीकृत समितियां अब स्टार्टअप मानी जा सकेंगी।
  • उद्देश्य: इसका मुख्य लक्ष्य कृषि, ग्रामीण उद्योगों और समुदाय-आधारित उद्यमों में नवाचार को बढ़ावा देना है।

मुख्य सुधारों का सारांश

श्रेणीआयु सीमाटर्नओवर सीमा
सामान्य स्टार्टअप10 वर्ष₹200 करोड़
डीप टेक स्टार्टअप20 वर्ष₹300 करोड़
सहकारी समितियांपात्र (शर्तों के अधीन)श्रेणी के अनुसार लागू
error: Content is protected !!