16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2026 पेश करते हुए घोषणा की कि केंद्र सरकार ने 16वें वित्त आयोग (16th FC) की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है। ये सिफारिशें 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक के पांच वर्षीय कार्यकाल के लिए लागू होंगी।
प्रमुख घोषणाएँ और वित्तीय आवंटन
वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि आयोग की सिफारिश के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों को ₹1.4 लाख करोड़ का ‘वित्त आयोग अनुदान’ (Grants) प्रदान किया गया है। इसमें ग्रामीण एवं शहरी स्थानीय निकायों और आपदा प्रबंधन के लिए अनुदान शामिल हैं।
लंबवत हस्तांतरण (Vertical Devolution): 41% पर बरकरार
डॉ. अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता वाले 16वें वित्त आयोग (अनुच्छेद 280) ने केंद्र के विभाज्य कर पूल (Divisible Tax Pool) में राज्यों की हिस्सेदारी को 41% पर यथावत रखने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि राज्यों की हिस्सेदारी में और कटौती की गुंजाइश नहीं है, क्योंकि उपकर (Cess) और अधिभार (Surcharge) के कारण विभाज्य पूल का आकार पहले ही कम हो चुका है।
क्षैतिज हस्तांतरण (Horizontal Formula): नए मानकों से बदली राज्यों की किस्मत
आयोग ने राज्यों के बीच धन के बँटवारे के फॉर्मूले (Weightage) में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं:
| मानक (Criteria) | पुराना भार (15th FC) | नया भार (16th FC) |
| जनसंख्या | 15% | 17.5% |
| प्रति व्यक्ति GSDP अंतर (आय की दूरी) | 45% | 42.5% |
| क्षेत्रफल | 15% | 10% |
| जनसांख्यिकीय प्रदर्शन | 12.5% | 10% |
| वन क्षेत्र | 10% | 10% |
| GDP में योगदान (नया मानक) | – | 10% |
नोट: आयोग ने पिछले ‘कर और राजकोषीय प्रयास’ (2.5%) की श्रेणी को हटाकर ‘GDP में योगदान’ (10%) को शामिल किया है।
किसे फायदा, किसे नुकसान?
नए फॉर्मूले के कारण दक्षिण भारतीय राज्यों की कर हिस्सेदारी में वृद्धि देखी गई है, जबकि उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे बड़े राज्यों की हिस्सेदारी में मामूली गिरावट आई है।
- बढ़त हासिल करने वाले राज्य:
- कर्नाटक: 3.647% से बढ़कर 4.131%
- केरल: 1.925% से बढ़कर 2.382%
- आंध्र प्रदेश: 4.047% से बढ़कर 4.217%
- तमिलनाडु: 4.079% से बढ़कर 4.097%
- तेलंगाना: 2.102% से बढ़कर 2.174%
- हिस्सेदारी में कमी:
- उत्तर प्रदेश: 17.939% से घटकर 17.619%
- बिहार: 10.058% से घटकर 9.948%
16वें वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट 17 नवंबर, 2025 को राष्ट्रपति को सौंपी थी, जिसे आज आधिकारिक रूप से संसद के पटल पर रखा गया।


