केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘लघु जल विद्युत (SHP) विकास योजना’ को मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 18 मार्च को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए ‘लघु जल विद्युत (SHP) विकास योजना’ को मंजूरी दी है। इस योजना का कुल परिव्यय 2,584.60 करोड़ रुपये है, जिसका उद्देश्य लगभग 1,500 मेगावाट की क्षमता वाले लघु जल विद्युत प्रोजेक्ट्स की स्थापना करना है।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
परियोजना क्षमता: यह योजना 1 से 25 मेगावाट क्षमता वाली लघु जल विद्युत परियोजनाओं का समर्थन करेगी।
लक्षित क्षेत्र: इससे पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों को विशेष लाभ होगा, जहाँ ऐसी परियोजनाओं की अपार संभावनाएँ हैं।
वित्तीय सहायता (पूर्वोत्तर एवं सीमावर्ती जिले): पूर्वोत्तर राज्यों और अंतरराष्ट्रीय सीमा वाले जिलों में, 3.6 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट या परियोजना लागत का 30% (जो भी कम हो) की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसकी अधिकतम सीमा 30 करोड़ रुपये प्रति प्रोजेक्ट होगी।
अन्य राज्यों के लिए सहायता: अन्य राज्यों में 2.4 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट या परियोजना लागत का 20% (जो भी कम हो) उपलब्ध होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 20 करोड़ रुपये प्रति प्रोजेक्ट है।
बजट आवंटन: इन परियोजनाओं के लिए 2,532 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
DPR की तैयारी: भविष्य के लिए परियोजनाओं की पाइपलाइन तैयार करने हेतु, लगभग 200 परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए राज्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए सरकारी एजेंसियों को 30 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी।
Source: PIB


