‘ब्लैक रेन’ क्या है?

ईरान की राजधानी तेहरान में मिसाइल हमलों द्वारा तेल डिपो और रिफाइनरियों को नुकसान पहुँचाए जाने के बाद, शहर घने, जहरीले धुएं और काली अम्लीय वर्षा (acid rain) की चपेट में है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि तेहरान में हो रही ‘ब्लैक रेन’ और अम्लीय वर्षा जन आबादी के लिए, विशेष रूप से श्वसन स्वास्थ्य (respiratory health) के लिए वास्तविक खतरा पैदा करती है। WHO ने लोगों को घरों के भीतर रहने की ईरान की सलाह का समर्थन किया है।

WHO के प्रवक्ता के अनुसार, इन हमलों के कारण हवा में जहरीले हाइड्रोकार्बन, सल्फर ऑक्साइड और नाइट्रोजन यौगिकों का भारी मात्रा में उत्सर्जन हुआ है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस धुएं या कणों के संपर्क में आने या उन्हें सांस के जरिए अंदर लेने से सिरदर्द, त्वचा और आंखों में जलन और सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। लंबे समय तक इन कंपाउंड्स के संपर्क में रहने से कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। 

‘ब्लैक रेन’ (काली वर्षा) क्या है?

एडेलेड विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया की पर्यावरण वैज्ञानिक फरजाना कस्तूरी के अनुसार:

  • परिभाषा: ‘ब्लैक रेन’ एक सामान्य शब्द है जिसका उपयोग उस वर्षा के लिए किया जाता है जिसमें वायुमंडल के प्रदूषक कण शामिल होते हैं।
  • कारण: इस तरह की बारिश अक्सर भीषण आग (bushfire) के धुएं या ‘हेवी फ्यूल’ (भारी ईंधन) के जलने से उत्पन्न होती है। भारी ईंधन कच्चे तेल के शोधन का एक गाढ़ा और कम गुणवत्ता वाला उप-उत्पाद (byproduct) है।
  • खतरनाक तत्व: ईरान में काली वर्षा में संभवतः भारी ईंधन के जलने से निकले प्रदूषक शामिल हैं। कस्तूरी के अनुसार, इसमें कैंसर पैदा करने वाले बेंजीन, एसीटोन, टोल्यूनि और मिथाईलीन क्लोराइड जैसे तत्व हो सकते हैं।

निष्कर्ष: ‘ब्लैक रेन’ का होना परिवेशी वायु प्रदूषण (ambient air pollution) के अविश्वसनीय रूप से उच्च स्तर का संकेत है।

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