‘बीटिंग रिट्रीट’ सेरेमनी के साथ 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का भव्य समापन
भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के औपचारिक समापन के प्रतीक के रूप में 29 जनवरी को नई दिल्ली के विजय चौक पर ‘बीटिंग रिट्रीट’ (Beating Retreat) समारोह का आयोजन किया गया। यह गौरवशाली परंपरा हर साल गणतंत्र दिवस के तीन दिन बाद आयोजित की जाती है।
समारोह की मुख्य विशेषताएं:
- सशस्त्र बलों का प्रदर्शन: इस समारोह में भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना के बैंड के साथ-साथ दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के बैंडों ने मंत्रमुग्ध कर देने वाली संगीतमय प्रस्तुतियां दीं।
- मुख्य अतिथि: समारोह की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रपति द्वारा की गई, जो भारतीय सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर (Supreme Commander) होते हैं।
- ऐतिहासिक महत्व: भारत में बीटिंग रिट्रीट समारोह की शुरुआत 1950 के दशक में रानी एलिजाबेथ और प्रिंस फिलिप की राजकीय यात्रा के दौरान हुई थी।
बीटिंग रिट्रीट का महत्व और इतिहास:
बीटिंग रिट्रीट सदियों पुरानी सैन्य परंपरा है जब युद्ध के दौरान सूर्यास्त के समय सेनाएं अपनी लड़ाइयां रोक देती थीं, अपने हथियार नीचे रख देती थीं और युद्ध के मैदान से वापस हट जाती थीं।
- सालाना आयोजन: तब से यह आयोजन भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और बलिदान को श्रद्धांजलि देने के लिए एक वार्षिक कार्यक्रम बन गया है।
- राष्ट्रीय गौरव: यह समारोह न केवल सैन्य अनुशासन को दर्शाता है, बल्कि विजय चौक की रोशनी और बैंड की धुनों के साथ पूरे देश में देशभक्ति का संचार करता है।


