बीच सैंड मिनरल्स (BCM)
परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) की एक घटक इकाई, परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय (AMD) ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल और झारखंड के कुछ हिस्सों में लाल (तेरी) और तटीय रेत में तटीय रेत खनिजों (Beach Sand Minerals – BSM) के संसाधनों को स्थापित किया है।
प्रमुख खनिज और उनकी विशेषताएं:
- मोनाज़ाइट (Monazite): यह भारत में पाया जाने वाला ज्ञात रेयर अर्थ युक्त खनिज है। यह छह अन्य तटीय रेत के भारी खनिजों के साथ पाया जाता है।
- निकासी प्रक्रिया: रेडियोधर्मी स्रोत होने के कारण, तटीय रेत से मोनाज़ाइट का निष्कर्षण लंबा, जटिल और महंगा होता है।
- खनन नियम: मोनाज़ाइट का खनन AMD द्वारा अनुमोदित खनन योजना के अनुसार किया जाता है, जो विभिन्न वैधानिक निकायों द्वारा निर्धारित सीमाओं पर निर्भर करता है।
रेयर अर्थ कॉरिडोर
केंद्रीय बजट 2026 में खनिज संपन्न तटीय राज्यों—ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु—को समर्पित ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर‘ (Rare Earth Corridors) स्थापित करने के लिए सहायता देने की घोषणा की गई है। इसका उद्देश्य खनन, प्रसंस्करण, अनुसंधान और विनिर्माण को बढ़ावा देना है।
तटीय रेत खनिज/बीच सैंड मिनरल्स (BSM) की सूची:
तटीय रेत खनिजों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- इल्मेनाइट (Ilmenite)
- रूटाइल (Rutile)
- ल्यूकोक्सिन (Leucoxene)
- जिरकोन (Zircon)
- गार्नेट (Garnet)
- सिलिमेनाइट (Sillimanite)
- मोनाज़ाइट (Monazite)


