‘स्टेल्थ’ कोरोनल मास इजेक्शन
मार्च 2023 में, सूर्य से एक कोरोनल मास इजेक्शन (CME) एक ‘कोरोनल होल’ (सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र में एक खुला द्वार) के माध्यम से पृथ्वी तक पहुँचा। इस कोरोनल होल से सौर पवन की धाराएं लीक हुई थीं, जिन्होंने इस धुंधले (Subtle) CME को पृथ्वी की ओर धकेला और एक तीव्र भू-चुंबकीय तूफान (Geomagnetic Storm) पैदा किया।
2. यह ‘स्टेल्थ’ (गुप्त) क्यों था?
आमतौर पर शक्तिशाली CME के साथ एक्स-रे फ्लेयर्स (X-ray flares) या रेडियो बर्स्ट (Radio bursts) जैसी चेतावनी वाली घटनाएं होती हैं। लेकिन यह घटना बिना किसी मानक सौर चेतावनी संकेत के हुई, जिससे इसका पता लगाना लगभग असंभव हो गया। इसे ही ‘स्टेल्थ सीएमई’ (Stealth CME) कहा जाता है।
कोरोनल मास इजेक्शन (CME) क्या हैं?
- प्रकृति: ये सूर्य के वायुमंडल से प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्रों का शक्तिशाली निष्कासन हैं।
- प्रभाव: ये पृथ्वी पर तीव्र भू-चुंबकीय तूफान ला सकते हैं, जिससे उपग्रह (Satellites), संचार प्रणालियां और पावर ग्रिड बाधित हो सकते हैं।
- आंकड़े: लगभग 10% तीव्र भू-चुंबकीय तूफान ऐसी ही कमजोर या ‘गुप्त’ घटनाओं के कारण होते हैं, जो वर्तमान दूरबीनों की पकड़ में नहीं आते।
सौर फ्लेयर्स (Solar Flares) बनाम CME: मुख्य अंतर
अंतरिक्ष के मौसम को समझने के लिए इन दोनों के बीच का अंतर जानना जरूरी है:
| विशेषता | सौर फ्लेयर्स (Solar Flares) | कोरोनल मास इजेक्शन (CME) |
| प्रकार | विद्युत चुंबकीय विकिरण का विस्फोट (प्रकाश)। | विशाल मात्रा में प्लाज्मा और चुंबकीय द्रव्यमान का निकलना। |
| गति | प्रकाश की गति से यात्रा करते हैं। | अपेक्षाकृत धीमी गति से यात्रा करते हैं। |
| समय | सूर्य से पृथ्वी तक पहुँचने में मात्र 8 मिनट लगते हैं। | पृथ्वी तक पहुँचने में 1 से 3 दिन का समय लग सकता है। |


