ब्लैक स्वान समिट 2026

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 6 फ़रवरी को जोर देकर कहा कि तकनीक, विशेष रूप से फिनटेक (Fintech), केवल तकनीकी प्रगति तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता और समावेशिता का एक शक्तिशाली उपकरण बनना चाहिए।

‘ब्लैक स्वान समिट’ में संबोधन

ओडिशा सरकार और ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क द्वारा भुवनेश्वर में आयोजित ‘ब्लैक स्वान समिट’ (Black Swan Summit) को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की फिनटेक यात्रा को केवल नवाचार की कहानी के रूप में नहीं, बल्कि लैंगिक न्याय की कहानी के रूप में याद किया जाना चाहिए।

डिजिटल क्रांति के मुख्य बिंदु:

राष्ट्रपति ने पिछले एक दशक में भारत के तेजी से बदलते वित्तीय परिदृश्य को रेखांकित किया:

  • लाइफलाइन बनी डिजिटल सेवा: प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) और डिजिटल भुगतान आज किसानों, छोटे दुकानदारों और महिलाओं के लिए जीवन रेखा बन गए हैं।
  • जन धन खातों की उपलब्धि: देश में 57 करोड़ से अधिक जन धन खाते हैं, जिनमें से 56 प्रतिशत से अधिक खाते महिलाओं के हैं।
  • भरोसा और भागीदारी: फिनटेक ने न केवल वित्तीय समावेशन का विस्तार किया है, बल्कि आम नागरिकों में विश्वास और भागीदारी को भी बढ़ाया है।

शिखर सम्मेलन का उद्देश्य

दो दिवसीय इस शिखर सम्मेलन में नीति निर्माताओं, तकनीकविदों, वित्तीय संस्थानों और निवेशकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान निम्नलिखित विषयों पर चर्चा की गई:

  • फिनटेक और एआई (AI) नवाचार।
  • टिकाऊ वित्त (Sustainable Finance)।
  • डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा (DPI)।
  • लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) का सशक्तिकरण।
error: Content is protected !!