86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC)
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 19 जनवरी से 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) का भव्य शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय इस सम्मेलन का उद्घाटन उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा किया गया।
मुख्य बिंदु:
- उद्घाटन और मुख्य संबोधन: उद्घाटन सत्र के दौरान लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने मुख्य भाषण दिया। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने पर जोर दिया।
- प्रतिभागी: सम्मेलन में 28 राज्यों की विधानसभाओं, 3 केंद्र शासित प्रदेशों और 6 विधान परिषदों के पीठासीन अधिकारी (अध्यक्ष और उपाध्यक्ष) भाग ले रहे हैं।
- विधायिका की भूमिका: श्री बिरला ने अपने संबोधन में कहा कि पीठासीन अधिकारियों के रूप में यह हमारा कर्तव्य है कि हम सदन के सभी सदस्यों, विशेष रूप से नए और युवा सदस्यों को पर्याप्त अवसर प्रदान करें। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विधायिका जनता के मुद्दों और चिंताओं को उठाने का सबसे प्रभावी मंच बनी रहनी चाहिए।
- उत्तर प्रदेश की मेजबानी: यह चौथी बार है जब उत्तर प्रदेश इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले राज्य में यह सम्मेलन दिसंबर 1961, अक्टूबर 1985 और जनवरी-फरवरी 2015 में आयोजित किया जा चुका है।


