उपराष्ट्रपति ने 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला का उद्घाटन किया
भारत के उपराष्ट्रपति, श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने 31 जनवरी को हरियाणा के फरीदाबाद में 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले का भव्य उद्घाटन किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित यह मेला भारत और विदेशों के शिल्पकारों, कारीगरों और सांस्कृतिक विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर लाता है, जो देश की समृद्ध कलात्मक विरासत और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना का उत्सव मनाता है।
विविधता में एकता का प्रदर्शन
इस वर्ष के ‘थीम राज्यों’— उत्तर प्रदेश और मेघालय — का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ये दोनों राज्य भारत की ‘विविधता में एकता’ को खूबसूरती से प्रदर्शित करते हैं। उन्होंने सराहना की कि किस प्रकार विभिन्न क्षेत्रों की कलाएँ एक स्थान पर आकर भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाती हैं।
साझेदार देश: मिस्र (Egypt)
उपराष्ट्रपति ने इस वर्ष के ‘साझेदार देश’ (Partner Country) के रूप में मिस्र का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा:
सूरजकुंड मेला न केवल स्थानीय कारीगरों को वैश्विक पहचान दिलाने का माध्यम है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और सांस्कृतिक समन्वय का भी एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।
मुख्य बिंदु:
- मेला: 39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला।
- उद्घाटनकर्ता: उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन।
- थीम राज्य: उत्तर प्रदेश और मेघालय।
- साझेदार देश: मिस्र।


