भारत में ड्रोन इकोसिस्टम

भारत में ड्रोन तकनीक का उपयोग आज भूमि सर्वेक्षण से लेकर रक्षा अनुप्रयोगों तक हर क्षेत्र में क्रांति ला रहा है। सरकार की प्रगतिशील नीतियों और डिजिटल गवर्नेंस ने एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया है जिसने ड्रोन को सरकारी योजनाओं और सार्वजनिक सेवाओं का एक अभिन्न हिस्सा बना दिया है।

इस व्यापक ड्रोन परिदृश्य का हिंदी अनुवाद और मुख्य विवरण नीचे दिए गए हैं:

प्रमुख सरकारी योजनाएँ और ड्रोन का उपयोग

  • नमो ड्रोन दीदी योजना (Namo Drone Didi): नवंबर 2023 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को ड्रोन प्रदान करना है। इससे खेती की दक्षता बढ़ती है, लागत कम होती है और महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका के अवसर पैदा होते हैं।
  • स्वामित्व योजना (SVAMITVA): अप्रैल 2020 में शुरू हुई इस योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों का ड्रोन-आधारित मानचित्रण किया जाता है। इसका उद्देश्य भूमि विवादों को सुलझाना और संपत्ति कार्ड के माध्यम से बैंक ऋण तक पहुंच आसान बनाना है।
  • PM फसल बीमा योजना (PMFBY): फसलों के नुकसान का सटीक आकलन करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है।

बुनियादी ढांचा और निगरानी (Infrastructure & Monitoring)

  • NHAI (राजमार्ग): भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सभी राजमार्ग परियोजनाओं के लिए मासिक ड्रोन-वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य कर दी है। तुलना के लिए पुराने और नए फुटेज NHAI के डेटाबेस पर अपलोड किए जाते हैं।
  • भारतीय रेलवे: पटरियों, पुलों और दुर्गम बुनियादी ढांचे के रखरखाव और निगरानी के लिए सभी जोनों को ड्रोन तैनात करने का निर्देश दिया गया है। ‘पश्चिम मध्य रेलवे’ ने इसमें अग्रणी भूमिका निभाई है।
  • आपदा प्रबंधन: NECTAR ने आपदा स्थितियों (बाढ़, भूस्खलन) के लिए विशेष ड्रोन विकसित किए हैं जो भारी उपकरण ले जा सकते हैं और लंबे समय तक हवा में स्थिर रहकर निगरानी कर सकते हैं।

रक्षा अनुप्रयोग (Defence)

रक्षा क्षेत्र में ड्रोन सीमा सुरक्षा, खुफिया जानकारी जुटाने और सटीक हमलों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

  • ऑपरेशन सिंदूर (Operation SINDOOR): इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय ड्रोनों और ‘लोइटरिंग म्युनिशन्स’ (आत्मघाती ड्रोन) ने दुश्मन के लक्ष्यों को सुरक्षित और सटीक रूप से नष्ट किया।

नीतिगत सुधार और प्रोत्साहन (Policy & Regulations)

सरकार ने ड्रोन अपनाने की बाधाओं को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं:

  • उदार ड्रोन नियम (Drone Rules 2021-23): नियमों को सरल बनाया गया है और अनुपालन (compliance) को आसान किया गया है।
  • PLI योजना: ड्रोन और उनके घटकों के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के लिए ₹120 करोड़ का परिव्यय (outlay) स्वीकृत किया गया है।
  • GST में कटौती: सितंबर 2025 में ड्रोन पर GST घटाकर 5% कर दिया गया है।
  • डिजिटल गवर्नेंस: ड्रोन पंजीकरण और पायलट प्रमाणन जैसी नियामक सेवाओं को ‘डिजिटल स्काई’ से eGCA प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
  • ड्रोन-एज़-ए-सर्विस (DaaS): ‘भारत ड्रोन शक्ति’ और ‘ड्रोन इंटरनेशनल एक्सपो’ जैसे प्लेटफॉर्म नए बिजनेस मॉडल और स्टार्टअप्स को बढ़ावा दे रहे हैं।
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