सुरक्षा परिषद की आतंकवाद-रोधी समिति (UNSC-CTC) ने दिल्ली घोषणा को अपनाया

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आतंकवाद-रोधी समिति (Counter-Terrorism Committee) की विशेष बैठक 29 अक्टूबर को नई दिल्ली में संपन्न हुई। उद्घाटन बैठक मुंबई में आयोजित हुई।
- संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि/राजदूत श्रीमती रुचिरा कंबोज ने UNSC-CTC की अध्यक्षता की।
प्रमुख तथ्य
- बैठक के दौरान, भारत ने आतंकवादी समूहों द्वारा उभरती प्रौद्योगिकियों के दुरुपयोग पर ध्यान केंद्रित करने की मांग की। भारत के विदेश मंत्री श्री एस जयशंकर ने “आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस” का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नई और उभरती प्रौद्योगिकियों ने “विशेष रूप से खुले और उदार समाजों में” आतंकवादी समूहों की क्षमताओं को बढ़ाया है।
- श्री जयशंकर ने इस बात पर भी जोर दिया कि समाज को अस्थिर करने के उद्देश्य से दुष्प्रचार, कट्टरता और षड्यंत्र के सिद्धांतों को फैलाने के लिए इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आतंकवादी और आतंकवादी समूहों के टूलकिट में शक्तिशाली उपकरण बन गए हैं।
दिल्ली घोषणापत्र
- UNSC-CTC ने बैठक की समाप्ति पर सर्वसम्मति से आतंकवादी उद्देश्यों के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग का मुकाबला करने पर दिल्ली घोषणा (Delhi Declaration) को अपनाया।
- घोषणा में सूचीबद्ध मदों में विशेष बैठक के तीन विषयों पर सिफारिशों पर काम करना जारी रखने का निर्णय और गैर-बाध्यकारी मार्गदर्शक सिद्धांतों का एक सेट विकसित करने का इरादा शामिल है ताकि सदस्य देशों को आतंकवादी उद्देश्यों के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग से उत्पन्न खतरे का मुकाबला करने में सहायता मिल सके।
- तीन विषयों में 1. आतंकवादियों द्वारा सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों का दुरूपयोग, 2. आतंकवाद वित्त पोषण से मुकाबला और 3. ड्रोन जैसे नए उपकरणों के दुरूपयोग को रोकना शामिल हैं।
- दिल्ली घोषणा का उद्देश्य ड्रोन, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और क्राउडफंडिंग के दुरुपयोग के आसपास की मुख्य चिंताओं को कवर करना और दिशानिर्देश बनाना है जो इस चिंता से निपटने में मदद करेंगे।
- समिति के सदस्य सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का आतंकवादियों द्वारा दुरूपयोग; जैसे-पेमेंट तकनीकों और धन उगाहने के तरीकों और मानव रहित हवाई प्रणालियों (UAS, या ड्रोन) के दुरुपयोग का मुकाबला करने के लिए सिफारिशों का मसौदा तैयार करेंगे।
- घोषणा में यह भी निर्णय लिया गया कि डिजिटल आतंकवाद के खतरे का मुकाबला करने में सदस्य देशों की सहायता के लिए गैर-बाध्यकारी मार्गदर्शक सिद्धांतों का एक नया सेट जारी किया जाएगा, जिसमें खतरों से निपटने के लिए प्रौद्योगिकियों के एक ही सेट द्वारा पेश किए गए अवसरों पर अच्छे अभ्यासों का संकलन होगा।
UNSC काउंटर-टेररिज्म कमेटी (CTC) के बारे में
- वर्ष 2001 में संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ 11 सितंबर के हमलों के बाद, सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से संकल्प 1373 (2001) को अपनाया, जिसने पहली बार परिषद की एक समर्पित आतंकवाद-रोधी समिति (CTC) की स्थापना की।
- समिति संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी सदस्यों (कुल 15 सदस्य) से बनी है। इनमें सुरक्षा परिषद् के स्थायी एवं अस्थायी सदस्य, दोनों शामिल हैं।
- CTC को एक कार्यकारी निदेशालय (CTED) द्वारा सहायता प्रदान की जाती है, जो अपने नीतिगत निर्णयों को पूरा करता है और 193 संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों के विशेषज्ञ मूल्यांकन करता है।
- CTED सदस्य देशों के आतंकवाद विरोधी प्रयासों का आकलन करने के लिए आतंकवाद विरोधी समिति की ओर से देश का दौरा करता है, जिसमें प्रगति, शेष कमी, और तकनीकी सहायता आवश्यकताओं के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के साथ-साथ आतंकवाद से संबंधित ट्रेंड और चुनौतियों और अच्छी प्रैक्टिसेज की पहचान करना शामिल है जो सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक संकल्पों के कार्यान्वयन में मदद करती है।